Skip to main content

सरदार पटेल बौद्धिक विचार मंच का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा 4 फरवरी को


-बुद्धिजीवी एप, पटेल चेतना रैली व आगामी रणनीति पर होगा विचार

-शामिल होंगे देश भर से लगभग दो हजार प्रतिनिधि
...
संवाददाता 
लखनऊ। सरदार पटेल बौद्धिक विचार मंच की ओर से रविवार 4 फरवरी को राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सरदार पटेल और सामाजिक समरसता से जुड़े विभिन्न पक्षों पर राष्ट्रीय बुद्धिजीवी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस होगे।
बौद्धिक विचार मंच के महामंत्री जगदीश शरण गंगवार ने बताया कि पटेल समाज की आबादी 12 प्रतिशत से अधिक है। ये ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में सभी प्रदेशों के प्रतिनिधि, मुख्य रूप से पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, सेना के पूर्व अधिकारी, पूर्व एवं वर्तमान कुलपति, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति, सांसद, विधान सभा व विधान परिषद सदस्य, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, सहकारी बैंको के अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, सभासद, उद्योगपति, अधिवक्ता, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, समाज सेवी, समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और 
प्रोग्रेसिव किसानों सहित लगभग 2,000 प्रतिनिधि शामिल होंगे।
आयोजित पत्रकार वार्ता में अरुण कुमार सिन्हा आईएएस सेवानिवृत्त संस्थापक संरक्षक , डॉक्टर क्षेत्रपाल गंगवार अध्यक्ष, वी आर वर्मा एवं रविन्द्र सिंह गंगवार उपाध्यक्ष, उमेश कुमार सिंह महामंत्री एवम आर एल निरंजन कोषाध्यक्ष व योगेंद्र सचान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने बताया कि उक्त सम्मेलन में मुख्य रूप से सरदार पटेल और आधुनिक समाज, सामाजिक समरसता, पिछड़ा वर्ग, कृषकों एवं सर्वहारा समाज, रोजगार उन्मुखी जागरुकता, शिक्षा और प्रचलित अनुष्ठान एवं रीति रिवाजों की प्रासंगिकता जैसे विषयों के अलावा समाज के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक आदि विभिन्न पहलुओं पर विचार होगा। सम्मेलन में किसी राष्ट्रीय मार्ग का नाम सरदार पटेल के नाम पर किये जाने का प्रस्ताव पारित होगा। साथ ही लखनऊ और दिल्ली में पटेल स्मारक बनवाने, हर जिले मे सरदार पटेल की प्रतिमा लगाने , समाज में अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कार, बुद्धिजीवी एप और पटेल चेतना रैली आदि पर विचार विमर्श करते हुए आगामी रणनीति तय की जायेगी।
बताते चलें कि सरदार पटेल बौद्धिक विचार मंच का गठन जुलाई 2018 में किया गया था। मंच के मुख्य उद्देश्य समाज को अपने हितों के प्रति जागरुक करना,समाज की विभिन्न समस्याओं से सरकार को अवगत कराना, समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों को एक मंच पर इकठ्ठा करना, संख्या के आधार पर सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक भागीदारी हेतु प्रयास करना,समाज में अधिकाधिक उद्यमी बनाने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करना, ग्रामीण अंचलों में पुस्तकालय, वाचनालय एवं इनसे जुड़ी गतिविधियों का संचालन कराना हैं। उक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मंच द्वारा विभिन्न कार्यकम आयोजित किये जा चुके हैं।जैसे प्रदेश के 15 मंडलों और दिल्ली में प्रेस वार्ताएं आयोजित की गयीं। विचार मंच द्वारा बुद्धिजीवी चिंतन शिविर, सरदार पटेल एवं ग्राम्य विकास कार्यक्रम,पंचायत प्रतिनिधि प्रशिक्षण एवं सम्मान समारोह, जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह, सामाजिक चिंतन‌ शिविर,अपनों से मिलिए,सरदार सम्मान समारोह और प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम भी आयोजित किये जा चुके है। उक्त कार्यक्रमों की कड़ी में ही 4 फरवरी का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हैं।

Comments

Popular posts from this blog

मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ का प्रांतीय द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव सहकारिता भवन में सकुशल संपन्न हुआ

 संवाददाता लखनऊ l मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, उ०प्र० (सम्बद्ध उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ) का  प्रांतीय द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव आज  सहकारिता भवन सभागार , लखनऊ में सकुशल संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  केंद्रीय राज्य मंत्री ( कौशल किशोर) आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार रहे। विशिष्ठ अतिथि के रूप में उ०प्र० राज्य कर्मचारी महासंघ एवं उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक  एस०पी० सिंह,  कमलेश मिश्रा,  नरेन्द्र प्रताप सिंह, उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक  राम विरज रावत, पूर्णिमा सिन्हा उर्फ़ पूनम सिन्हा (फाउंडर ऑफ़ परिषद् ऑफ़ सहकारिता बैंक), प्रांतीय संरक्षक, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, उ०प्र० की  प्रभा सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के  दिवाकर सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष एवं कनौजिया विनोद बुद्धिराम, कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष,  चुनाव अधिकारियों की देख-रेख में चुनाव सकुशल संपन्न कराया गया । इस चुनाव में “स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग” क

सरकार ने शीघ्र मांगे नहीं मानी तो पेंशनर स्थगित आंदोलन पुनः चालू करेंगे

 ...   संवाददाता। लखनऊ  ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति और स्टेफको के संयुक्त तत्वाधान में आज एक सभा आवश्यक वस्तु निगम के गोखले मार्ग स्थित मुख्यालय में प्रांतीय महामंत्री राजशेखर नागर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें पिछले दिनों दिल्ली के रामलीला मैदान में पेंशनरों की रैली और जंतर मंतर पर अनशन के दौरान श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा समिति के राष्ट्रीय नेताओं को बुलाकर वार्ता करने एवं आश्वासन देने के बाद आंदोलन स्थगित रखने की जानकारी दी गई।सभा में वक्ताओं ने कहा कि हमें अब सरकार के कोरे आश्वासनों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और अगर सरकार शीघ्र ही हमारी मांगे नहीं मानती है तो स्थगित आंदोलन को पुनः और बड़े स्तर पर जारी करना चाहिए।तभी सरकार कोई ठोस कार्रवाई करेगी।समिति के राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर ने बताया कि श्रम सचिव के साथ शीघ्र एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का प्रयास हो रहा है जिसमें न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।अनेक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों द्वारा भी समिति के नेताओं से वार्ता कर उनकी मांगों का समर

पेंशनरों ने मुख्यमंत्री से पेंशन बढ़ाने और बकाया एरियर्स के भुगतान कराने की माँग की

 लखनऊ/संवाददाता   10 जुलाई। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के महामंत्री राज शेखर नागर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  जनता  दर्शन  में   ईपीएस-95  पेंशनरों की   न्यूनतम पेंशन बढ़वाने ,फ्री मेडिकल सुविधा दिलवाने की माँग की। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश  के अधिकांश निगमों में छठा  वेतनमान का  एरियर का भुगतान नही हुआ है जबकि  पेंशनरों को बहुत कम पेंशन मिलने से आर्थिक बदहाली झेल  रहे हैं।  इसलिए  मुख्यमंत्री से सभी निगमों के  पेंशनरों  को छठे वेतनमान के बकाया एरियर्स का  भुगतान करने के आदेश निर्गत करने की भी माँग की गई। आवश्यक वस्तु निगम में पेंशनरों की  महासमिति की  बैठक मे  निर्णय लिया गया कि  यदि  बकाया एरियर्स का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो निगम के सेवानिवृत्त कर्मी   अनशन पर बैठेंगे।       महासमिति की बैठक में हबीब खान, राजीव  भटनागर, पी के  श्रीवास्तव, फ्रेडरिक क्रूज,एन सी सक्सेना,राजीव पांडे, सतीश श्रीवास्तव  पीताम्बर भट्ट उपस्थिति रहे।  राजीव भटनागर  मुख्य समन्वयक  उत्तर प्रदेश।