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बीसवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला 22 से ज्ञानकुम्भ में 11 दिन डुबकी लगायेंगे पुस्तकप्रेमी

 संवाददाता :लखनऊ


लखनऊ । ज्ञान कुंभ की थीम पर राष्ट्रीय पुस्तक मेला का आयोजन केटी फाउडेशन और फोर्स वन बुक्स द्वारा संयुक्त रूप से 22 सितंबर से गांधी जयंती तक बलरामपुर गार्डन अशोक मार्ग में किया जा रहा है।
निःशुल्क प्रवेश वाले रोज सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक चलने वाले इस 11 दिवसीय पुस्तक मेले के बारे में संयोजक मनोज सिंह चंदेल से प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि इस वर्ष यह हमारा बीसवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला होगा। लखनऊ के इस पुस्तक मेले ने देश के शीर्ष 10 पुस्तक मेलों में अपना स्थान बनाया है। मेले में इस वर्ष दिल्ली मुंबई रायपुर, नोएडा, गाजियाबाद, प्रयागराज, रायपुर, गुजरात राजस्थान के सरकारी, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ बड़ी संख्या में अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू भाषा के प्रकाशक वितरक और आयातक भाग ले रहे हैं। 11 दिवसीय पुस्तक उत्सव में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे पुस्तक विमोचन लेखकों से मिलें, कवि सम्मेलन, मुशायरा, युवा और बच्चों के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। हजारों स्कूली बच्चे, शिक्षक, लेखक, नौकरशाह गृहिणियाँ और पुस्तक प्रेमी पुस्तक मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं। पुस्तक मेले के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों एक विशेष आकर्षण होती हैं। उन्होंने बताया कि ज्ञान का प्रकाश फैलाने और आजकल कम होती जा रही पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने के मकसद से यह पुस्तक मेला आयोजित किया जाता है। शुक्रवार 22 सितंबर को शाम 5 बजे पुस्तक मेले का उद्घाटन करने के लिए उप मुख्यमंत्री  ब्रजेश पाठक को आमंत्रित किया गया है।सह आयोजक आकर्षण जैन ने बताया कि हमेशा की तरह निःशुल्क प्रवेश होगा और पुस्तक प्रेमियों को न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होंने आभासी दुनिया में किताबों के कभी न खत्म होने वाले फायदों के बारे में भी बात की किताबें सबसे अच्छी दोस्त मानी जाती हैं और सदियों से समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। मेले के निदेशक आकर्ष चंदेल ने बताया कि प्रमुख प्रकाशकों के हजारों शीर्षकों के प्रदर्शन के लिए15 हजार वर्ग फीट का वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया गया है। पुस्तक प्रेमियों की सुरक्षित और आरामदायक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गये हैं। आकर्ष ने बताया कि मेले में राजकमल,वाणी- भारतीय ज्ञानपीठ, राजपाल लोकभारती प्रभात प्रकाशन,हिंद युग्मे, सामायिक सेतु सम्यक, प्रकाशन संस्थान, प्रकाशन विभाग, केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण विभाग हिंदी संस्थान आदि के स्टाल प्रमुख होंगे।

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