तदर्थ शिक्षकों ने अपना मांग पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए शिक्षा निदेशक महेंद्र देव को दिया ज्ञापन

 लखनऊ/ संवाददाता


आज माध्यमिक तदर्थ शिक्षक संघर्ष समिति के तत्वाधान में अनवरत याचना कार्यक्रम का 37 वां दिन और उपवास का 23 वां दिन था कार्यक्रम के संयोजक राजमणि सिंह ने बताया कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन हनुमान चालीसा और राम नाम जाप से किया जाता है   सभी शिक्षक अपने वेतन और  अपने सम्मान की कामना के साथ लगातार 36 दिनो से हनुमान चालीसा का पाठ और सीता राम नाम का जाप कर रहे हैं  उत्तर प्रदेश माध्यमिक तदर्थ संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा निदेशक महेंद्र देव को अपनी मांग पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए दिया सभी तदर्थ शिक्षकों ने अपने पालनहार और करुणानिधान यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री जी से निम्न मांग करते हैं 
 राजकोष वेतन प्राप्त कर रहे  तदर्थ शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा अधिनियम की धारा 33(छ) उप धारा 8 का विलोपन करते हुए  33(ज ) जोड़कर कठिनाई निवारण अध्यादेश लाकर विनियमितीकरण 
              अथवा 
 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की तरह आमेलन/समायोजन 
             अथवा 
रिजर्व पूल टीचर  अधिनियम 1982 की धारा 21ए व 21 बी के द्वारा आमेलन 
              अथवा 
 तदर्थ शिक्षकों को यथावत की स्थिति बरकरार करते हुए सेवानिवृत्त आयु 62 वर्ष किया जाए 
हम सभी तदर्थ शिक्षक 20 से 25 वर्षों तक लगातार राजकोष से वेतन प्राप्त कर रहे हैं यदि सरकार हमारी सेवा सुरक्षित कर देती है तो सरकार पर पर किसी भी प्रकार की आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और हम सभी तदर्थ शिक्षकों को पूर्ण विश्वास है कि यशस्वी मुख्यमंत्री हमारा कल्याण करेंगे
जिससे कि हमारे परिवार का पालन पोषण सुचारू रूप से हो सके क्योंकि इन्हीं वेतन की बदौलत हमारे मां-बाप की दवाइयां बेटियों की शादी बच्चों का पठन-पाठन और परिवार की परवरिश होती है अगर हम सभी की सेवा सुरक्षित नहीं होगी तो इस स्थिति में हम सभी इस उम्र के पड़ाव में न कोई आवेदन कर सकते हैं ना इसके सिवा कोई सम्मानजनक स्थित है वह भी हमारा और हमारी सम्मानजनक स्थिति का हरण होगा।

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