संवाददाता।
-जूम बैठक में 50 से अधिक जनपदों एवं संयुक्त परिषद से संबद्ध संगठनों के पदाधिकारियों ने किया प्रतिभाग
-20 जनवरी के धरने की रणनीति पर हुई चर्चा
-विभिन्न जनपदों से आ रहे कर्मचारियों की संख्या पर भी चर्चा हुई
-जूम बैठक संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी की अध्यक्षता में हुई
लखनऊ ।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 20 जनवरी को विधानसभा पर धरना प्रदर्शन के कार्यक्रम की घोषणा किया है l कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा एवं रणनीतिक सफलता पर आज पदाधिकारियों के साथ जूम बैठक में वृहद चर्चा हुई l जूम बैठक में संयुक्त परिषद की जनपद शाखाओं के 50 जनपदों से अधिक पदाधिकारी एवं सम्बध्द संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुएl बैठक के बाद संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने एक विज्ञप्ति के हवाले से अवगत कराया है कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी के नेतृत्व में प्रदेश के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त परिषद द्वारा एक संगठित चरणबद्ध एवं लोकतांत्रिक आंदोलन निरंतर चलाया जा रहा हैl 20 जनवरी का कार्यक्रम संयुक्त परिषद का आधिकारिक कार्यक्रम है, जिसको संयुक्त परिषद की कार्यकारिणी के निर्णय के अधीन घोषित किया गया हैl राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने जूम बैठक में जुड़े पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अवगत कराया कि कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को पांच प्रमुख भागों में विभाजित कर 12 अगस्त 2025 को मुख्य सचिव को प्रेषित किया गया है। संयुक्त परिषद की मांग कर्मचारियों के सेवा सुरक्षा, आर्थिक हित संरक्षण, कार्य दशा तथा सामाजिक सम्मान से सीधे जुड़ी हुई है lलंबे समय से लंबित मांगों पर शासन द्वारा अपेक्षित सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने के कारण आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ा हैl संयुक्त परिषद आंदोलन के तीन चरण पूरे कर चुकी हैl जन जागरण एवं ज्ञापन कार्यक्रम, विभागीय, जनपदीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन एवं मंडल स्तर पर सम्मेलन विचार गोष्ठी तथा प्रेस वार्ताओं के माध्यम से विरोध प्रकट किया गया हैl संयुक्त परिषद के सभी चरणों में कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ चढ़कर रही है, जिससे परिषद की सांगठनिक मजबूती और कर्मचारियों का संयुक्त परिषद पर विश्वास मजबूत हुआ हैl 20 जनवरी को उत्तर प्रदेश विधानसभा पर धरना प्रदर्शन एवं घेराव, आंदोलन की स्वाभाविक अगली कड़ी हैl इस कार्यक्रम का उद्देश्य शासन का ध्यान गंभीरता से कर्मचारियों की मांगों की तरफ आकृष्ट करना, संवाद के लिए दबाव पूर्ण, किंतु शांतिपूर्ण वातावरण तैयार करना तथा यह स्पष्ट संदेश देना है कि कर्मचारी अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगेl कार्यक्रम में प्रदेश भर से कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है l20 जनवरी का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर हैl शासन पर वार्ता कर निर्णय के लिए इस आंदोलन से राजनीतिक एवं नैतिक दबाव बढ़ेगा तथा संयुक्त परिषद की नेतृत्व क्षमता और विश्वसनीयता भी कर्मचारियों में बढ़ेगी l20 जनवरी का धरना प्रदर्शन कोई आकस्मिक या व्यक्तिगत पहल नहीं है बल्कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा सुनियोजित, लोकतांत्रिक एवं चरणबद्ध आंदोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव हैl संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह कार्यक्रम, कर्मचारियों के अनुशासन और संघर्ष चेतना का प्रतीक हैl संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया की आउटसोर्स कर्मचारी का न्यूनतम मानदेय निर्धारित किए जाने, संविदा कर्मचारियों को विनियमित किया जाने ,आशा बहू को न्यूनतम 18000 का मानदेय दिए जाने, आशा संगिनी को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी दिए जाने, नगरीय परिवहन सेवाओं में कार्यरत संविदा चालकों परिचालकों को पुनः सेवा में वापस किए जाने, परिवहन निगम में निजीकरण पर रोक लगाने ,समाज कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा शिक्षकों को नियमित किए जाने, मुख्य सचिव समिति द्वारा विसंगतियों पर निर्णय कराए जाने, कोरोना संकट काल में काटे गए नगर प्रतिकर भत्ते की बहाली कराए जाने, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सेवा निवृत्ति पर नकदीकरण की सुविधा दिए जाने, एवं पांच भागों में विभक्त संयुक्त परिषद की मांगों पर कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण 20 जनवरी को विधानसभा पर धरना प्रदर्शन अपरिहार्य हो गया हैl यह धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ,लोकतांत्रिक, अनुशासित एवं संवैधानिक दायरे में आयोजित किया जाएगाl जे एन तिवारी ने मुख्यमंत्री जी से पुनः अपील किया है कि कार्यक्रम का संज्ञान लेकर कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करेंl संयुक्त परिषद ने जुलाई 2025 से अभी तक मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक को दर्जनों पत्र प्रेषित किए हैं ,लेकिन ना तो कर्मचारियों की उचित मांगों पर कोई कार्रवाई की गई है और नहीं संवाद स्थापित किया गया हैl आज के जूम मीटिंग में विशेष रूप से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे, उपाध्यक्ष एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, कार्यवाहक अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव, सहायक चकबंदी अधिकारी संघ के महामंत्री हर्ष कुमार सिंह ,रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ के महामंत्री डी के उपाध्याय, सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारियों संघ के महामंत्री जसवंत सिंह, शिवाकांत द्विवेदी, नितिन गोस्वामी ,नन्हे सिंह ,शिवांगी जायसवाल रीता देवी, राम संवारे, कुसुम लता यादव, श्रवण पाल, पुनीता सिंह एवं यू पी फूड एवं सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अयोध्या सिंह ने अपने विचार व्यक्त कियाl