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आक्रोशित पेंशनरो का विरोध प्रदर्शन विधानसभा जाने से रोका गया

  संवाददाता :लखनऊ

लखनऊ: प्रदेश के ईपीएस-95 ने केन्द्र सरकार द्वारा न्यूनतम पेंशन न  बढ़ाये जाने व दिल्ली पुलिस द्वारा  श्रम मंत्रालय पर पेंशनरों का   उत्पीड़न  किये जाने  के विरोध में विशाल सभा आयोजित की,  जिसमें उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों के    पेंशनभोगी  शामिल हुए।ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष  समिति  पिछले 7 वर्षो  से   न्यूनतम पेंशन  7500/- महीना ,मंहगाई भत्ता और वृद्ध दंपति मुफ्त चिकित्सा की सुविधा दिए जाने की माँग को लेकर देशभर में  आन्दोलन कर रही है  । एक ओर सांसद ,मंत्री न्यूनतम पेंशन बढ़ाये जाने  का आश्वासन दे रहे हैं  वहीँ दूसरी ओर श्रम राज्य मंत्री  राज्य सभा  में  न्यूनतम पेंशन बढ़ाये जाने के किसी प्रस्ताव से इंकार  करते हैं। 4 अगस्त को श्रम मंत्रालय के सामने प्रदर्शन के दौरान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत और  वृद्ध  पेंशनरों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा  अमानवीय व्यवहार किया गया। सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार से तत्काल न्यूनतम पेंशन बढ़ाये जाने और राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार  करने वाले दिल्ली पुलिस के कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। सभा में सर्व श्री के एस तिवारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ओम शंकर तिवारी राष्ट्रीय सचिव,  प्रदीप श्रीवास्तव प्रांतीय अध्यक्ष, सी बी सिंह प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष, राजीव भटनागर मुख्य समन्वयक, गिरीश  मिश्रा महामंत्री रोडवेज, ज़ैदी , पी के श्रीवास्तव, विवेकानंद त्रिपाठी, दिलीप पांडे, पूरन सिंह, आर एस  गुप्ता, राजेश तिवारी, आर एन द्विवेदी, सुभाष चौबे, वी पी मिश्रा, ओ पी शर्मा, डी के  कुशवाह, अशोक बाजपेई, शमसुल हासन, बाल मुकुंद मिश्रा,हनुमान सहाय, आई डी यादव, के  के  अग्रवाल,जय रूप सिंह परिहार, टी आर  सिंह, आनंद त्रिपाठी, राम फेर उपाध्यक्ष, कुशल पाल सिंह, फौजदार सिंह, कमलेश श्रीवास्तव, चन्द्रशेखर पाठक   नासिर खान,      ओंकार त्रिपाठी, राम सेवक गुप्ता,पी सी  कुरील,गीता वर्मा, सुनीता सोनकर ,लक्ष्मी आदि ने संबोधित किया व संचालन महामंत्री राज शेखर नागर ने किया। सभा के बाद पेंशनरों ने नारेबाजी करते हुए विधानसभा के लिए रैली निकाली जिसे भारी पुलिस बल द्वारा आगे जाने से रोक दिया गया। जिस कारण पेंशनरों और पुलिस बल के    बीच नोक झोंक भी हुई पेन्शनर मुख्यमन्त्री को ज्ञापन देने पर अड़े तो ए सी पी ने ज्ञापन लेकर मुख्यमन्त्री तक पहुचाने को कहा।

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