Skip to main content

मीडिया सहयोगियों और समुदाय की भागीदारी से प्रदेश से फाइलेरिया का उन्मूलन संभव

 संवाददाता :लखनऊ:
डॉ. भानु प्रताप सिंह कल्याणी, अपर निदेशक वेक्टर बोर्न डिजीज़ प्रदेश  के 27 जनपदों  में राष्ट्रीय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 अगस्त से शुरू किया जा रहा है मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  (एमडीए/आईडीए) कार्यक्रम
 राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा आज दिनांक 10 अगस्त से प्रदेश के फाइलेरिया प्रभावित 27  जनपदों यथा- औरैया, बहराइच , बलरामपुर, बस्ती, देवरिया, इटावा, फरुखाबाद, गाजीपुर,, गोंडा, गोरखपुर, कन्नौज, कुशीनगर, महाराजगंज, रायबरेली, संतकबीर नगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सुल्तानपुर  में, दो दवाओं डी.ई.सी. और एल्बेन्डाजोल के साथ और चंदौली,  फतेहपुर, , हरदोई,  कानपुर देहात, कानपुर नगर,  कौशाम्बी, खीरी, मिर्जापुर, सीतापुर, हरदोई में तीन दवाओं डी.ई.सी. और एल्बेन्डाजोल  और आईवरमेक्टिन के साथ मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम (आईडीए )शुरू किया जा रहा है । फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सम्बन्ध में मीडिया की सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करने हेतु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश  एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज द्वारा अन्य सहयोगी संस्थाओं यथा विश्व स्वास्थ्य संगठन, पाथ , प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल और सीफार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, मीडिया सहयोगियों के साथ आज लखनऊ में  मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया | इस अवसर पर अपर निदेशक वेक्टर बोर्न डिजीज़ , चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश  डॉ. भानु प्रताप सिंह कल्याणी ने कहा कि मीडिया सहयोगियों और समुदाय की भागेदारी से प्रदेश से फाइलेरिया का उन्मूलन संभव है | उन्होंने बताया कि संक्रमित मच्छर के काटने से किसी भी आयु वर्ग में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है। फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे; हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों की सूजन) व काइलुरिया (दूधिया सफेद पेशाब) से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक बोझ सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। उन्होंने सूचित किया कि इस अभियान में सभी वर्गों के -लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाईयों की निर्धारित खुराक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बूथ एवं घर-घर जाकर अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी एवं किसी भी स्थिति में दवा का वितरण नहीं किया जायेगा । ये दवाएं खाली पेट नहीं खानी हैं |राज्य कार्यक्रम अधिकारी, फाइलेरिया डॉ. वी.पी.सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को ये दवाएं नहीं खिलाई जाएगी। डॉ. सिंह ने बताया कि मोर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एम.एम.डी.पी.) यानि रुग्णता प्रबंधन एवं विकलांगता की रोकथाम द्वारा लिम्फेडेमा से संक्रमित व्यक्तियों की देखभाल एवं हाइड्रोसील के मरीजो का  समुचित इलाज प्रदान किया जा रहा है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं । रक्तचाप, शुगर, अर्थरायीटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी  ये दवाएं खानी हैं । सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं और अगर किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैं तो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में  फाइलेरिया के परजीवी  मौजूद हैं, जोकि दवा खाने के बाद परजीवियों  के मरने के कारण उत्पन्न होते हैं । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी लाभार्थी को दवा सेवन के पश्चात किसी प्रकार की कोई कठिनाई प्रतीत होती है तो उससे  निपटने के लिए हर ब्लॉक  में रैपिड रेस्पोंस टीम तैनात रहेगी । उन्होंने यह भी बताया कि यदि समुदाय के सभी लोग 5 साल तक लगातार साल में केवल 1 बार फाइलेरिया रोधी दवाओ का सेवन करे तो प्रदेश से फाइलेरिया का उन्मूलन संभव है ।अंत में, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के अनुज घोष ने कहा कि मीडिया की भूमिका , सरकार द्वारा चलाये जा रहे, समस्त कार्यक्रम के सफल किर्यान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है | उन्होंने, मीडिया सहयोगियों से अनुरोध किया कि वे आगामी 10 अगस्त  से प्रारंभ होने वाले एमडीए अभियान के दौरान, समाचारों और मीडिया कवरेज के माध्यम से लोगों को लिम्फैटिक फाइलेरियासिस से बचाव के लिए दवा खाने के लिए जागरूक करें | इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन, पाथ , प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल, सीफार, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधि एवं स्थानीय मीडिया सहयोगी भी उपस्थित थे ।

Comments

Popular posts from this blog

मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ का प्रांतीय द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव सहकारिता भवन में सकुशल संपन्न हुआ

 संवाददाता लखनऊ l मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, उ०प्र० (सम्बद्ध उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ) का  प्रांतीय द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव आज  सहकारिता भवन सभागार , लखनऊ में सकुशल संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  केंद्रीय राज्य मंत्री ( कौशल किशोर) आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार रहे। विशिष्ठ अतिथि के रूप में उ०प्र० राज्य कर्मचारी महासंघ एवं उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक  एस०पी० सिंह,  कमलेश मिश्रा,  नरेन्द्र प्रताप सिंह, उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक  राम विरज रावत, पूर्णिमा सिन्हा उर्फ़ पूनम सिन्हा (फाउंडर ऑफ़ परिषद् ऑफ़ सहकारिता बैंक), प्रांतीय संरक्षक, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, उ०प्र० की  प्रभा सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के  दिवाकर सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष एवं कनौजिया विनोद बुद्धिराम, कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष,  चुनाव अधिकारियों की देख-रेख में चुनाव सकुशल संपन्न कराया गया । इस चुनाव में “स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग” क

सरकार ने शीघ्र मांगे नहीं मानी तो पेंशनर स्थगित आंदोलन पुनः चालू करेंगे

 ...   संवाददाता। लखनऊ  ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति और स्टेफको के संयुक्त तत्वाधान में आज एक सभा आवश्यक वस्तु निगम के गोखले मार्ग स्थित मुख्यालय में प्रांतीय महामंत्री राजशेखर नागर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें पिछले दिनों दिल्ली के रामलीला मैदान में पेंशनरों की रैली और जंतर मंतर पर अनशन के दौरान श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा समिति के राष्ट्रीय नेताओं को बुलाकर वार्ता करने एवं आश्वासन देने के बाद आंदोलन स्थगित रखने की जानकारी दी गई।सभा में वक्ताओं ने कहा कि हमें अब सरकार के कोरे आश्वासनों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और अगर सरकार शीघ्र ही हमारी मांगे नहीं मानती है तो स्थगित आंदोलन को पुनः और बड़े स्तर पर जारी करना चाहिए।तभी सरकार कोई ठोस कार्रवाई करेगी।समिति के राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर ने बताया कि श्रम सचिव के साथ शीघ्र एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का प्रयास हो रहा है जिसमें न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।अनेक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों द्वारा भी समिति के नेताओं से वार्ता कर उनकी मांगों का समर

पेंशनरों ने मुख्यमंत्री से पेंशन बढ़ाने और बकाया एरियर्स के भुगतान कराने की माँग की

 लखनऊ/संवाददाता   10 जुलाई। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के महामंत्री राज शेखर नागर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  जनता  दर्शन  में   ईपीएस-95  पेंशनरों की   न्यूनतम पेंशन बढ़वाने ,फ्री मेडिकल सुविधा दिलवाने की माँग की। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश  के अधिकांश निगमों में छठा  वेतनमान का  एरियर का भुगतान नही हुआ है जबकि  पेंशनरों को बहुत कम पेंशन मिलने से आर्थिक बदहाली झेल  रहे हैं।  इसलिए  मुख्यमंत्री से सभी निगमों के  पेंशनरों  को छठे वेतनमान के बकाया एरियर्स का  भुगतान करने के आदेश निर्गत करने की भी माँग की गई। आवश्यक वस्तु निगम में पेंशनरों की  महासमिति की  बैठक मे  निर्णय लिया गया कि  यदि  बकाया एरियर्स का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो निगम के सेवानिवृत्त कर्मी   अनशन पर बैठेंगे।       महासमिति की बैठक में हबीब खान, राजीव  भटनागर, पी के  श्रीवास्तव, फ्रेडरिक क्रूज,एन सी सक्सेना,राजीव पांडे, सतीश श्रीवास्तव  पीताम्बर भट्ट उपस्थिति रहे।  राजीव भटनागर  मुख्य समन्वयक  उत्तर प्रदेश।