Skip to main content

नव अंशिका महिला माह 1 मार्च से


-हर शुक्रवार को होगा “द ग्रेट शक्तिस्वरूपा उत्सव”

-पूरे माह पांच समारोहों के माध्यम से जुड़ेंगी हर वर्ग की “यूपी की सशक्त बेटियां”
...
संवाददाता 
लखनऊ। नव अंशिका फाउंडेशन की ओर से नव अंशिका महिला माह की शुरुआत शुक्रवार 1 मार्च से होगी। इस साल चूंकि महिला दिवस शुक्रवार को मनाया जा रहा है इसलिए मार्च माह के सभी पांचों शुक्रवारों को, “मिशन शक्ति” को समर्पित प्रेरक कार्यक्रम “शक्तिस्वरूपा उत्सव” के अंतर्गत आयोजित किये जा रहे हैं। इसमें विभिन्न वर्गों से सम्बंध रखने वाली यूपी की सशक्त बेटियों को शामिल किया जाएगा। यह कार्यक्रम 1, 8, 15, 22 और 29 मार्च को होंगे।
नव अंशिका फाउंडेशन संस्था की अध्यक्षा नीशू त्यागी की अगुआई में 1 मार्च को गोमती नगर के रेल विहार कालोनी घरों में काम करने वाली महिलाओं को “नव अंशिका श्रमदेवी शक्ति सम्मान” दिया जाएगा। 
इस क्रम में दूसरे शुक्रवार 8 मार्च, महिला दिवस पर चूंकि शिवरात्रि महापर्व भी है इसलिए उस दिन “शिव की शक्ति” थीम पर कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर महिला दिवस स्लोगन, चित्रकला, नृत्य, गायन आदि के सात मार्च तक प्राप्त वीडियोज को नव अंशिका फाउण्डेशन के सोशल साइट्स पर 8 मार्च को शेयर किया जाएगा।
तीसरे शुक्रवार 15 मार्च को शिक्षा, खेल, कला आदि क्षेत्र में यश अर्जित करने वाली “यूपी की सशक्त बेटियों” को “नव अंशिका तेजस्वनी सम्मान” से अलंकृत दिया जाएगा। इसका मकसद उनकी उपलब्धियों के माध्यम से दूसरों को राह दिखाना है।
चौथे शुक्रवार 22 मार्च को होली के फाग गायन, व्यंजन, रंगोली आदि पर “रंग-रंगीली सहेली” प्रतियोगिता, घरेलू महिलाओं के बीच करवायी जाएगी।
अंतिम शुक्रवार 29 मार्च को पुरुषों के क्षेत्र में नाम अर्जित करने वाली महिलाओं को “नव अंशिका सर्वश्री सम्मान” से अलंकृत किया जाएगा। 
“शक्तिस्वरूपा उत्सव” के लिए हेल्पलाइन का नम्बर “9721700025” है। इसके माध्यम से इस आयोजन और प्रतिभागिता के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है।
संयोजक दबीर सिद्धिकी ने बताया कि इस साल का महिला दिवस का अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर, यह दिवस सबसे पहले 28 फ़रवरी 1909 को मनाया गया। उसके बाद यह फरवरी के आखिरी इतवार के दिन मनाया जाने लगा। साल 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया। साल 1917 में रूस की महिलाओं ने, महिला दिवस पर रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल की जिसके परिणाम स्वरूप ज़ार ने सत्ता छोड़ी, अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया। ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार वह दिन 8 मार्च था। ऐसे में साल 1921 में 8 मार्च महिला दिवस के रूप में विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 की थीम - लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी निर्धारित किया गया है। इसका मकसद दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए डिजिटल युग में प्रौद्योगिकी और शिक्षा के उपयोग के प्रति जागरुकता लाना है।

Comments

Popular posts from this blog

मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ का प्रांतीय द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव सहकारिता भवन में सकुशल संपन्न हुआ

 संवाददाता लखनऊ l मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, उ०प्र० (सम्बद्ध उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ) का  प्रांतीय द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव आज  सहकारिता भवन सभागार , लखनऊ में सकुशल संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  केंद्रीय राज्य मंत्री ( कौशल किशोर) आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार रहे। विशिष्ठ अतिथि के रूप में उ०प्र० राज्य कर्मचारी महासंघ एवं उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक  एस०पी० सिंह,  कमलेश मिश्रा,  नरेन्द्र प्रताप सिंह, उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक  राम विरज रावत, पूर्णिमा सिन्हा उर्फ़ पूनम सिन्हा (फाउंडर ऑफ़ परिषद् ऑफ़ सहकारिता बैंक), प्रांतीय संरक्षक, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, उ०प्र० की  प्रभा सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर उ०प्र० फेडरेशन ऑफ़ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के  दिवाकर सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष एवं कनौजिया विनोद बुद्धिराम, कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष,  चुनाव अधिकारियों की देख-रेख में चुनाव सकुशल संपन्न कराया गया । इस चुनाव में “स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग” क

सरकार ने शीघ्र मांगे नहीं मानी तो पेंशनर स्थगित आंदोलन पुनः चालू करेंगे

 ...   संवाददाता। लखनऊ  ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति और स्टेफको के संयुक्त तत्वाधान में आज एक सभा आवश्यक वस्तु निगम के गोखले मार्ग स्थित मुख्यालय में प्रांतीय महामंत्री राजशेखर नागर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें पिछले दिनों दिल्ली के रामलीला मैदान में पेंशनरों की रैली और जंतर मंतर पर अनशन के दौरान श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा समिति के राष्ट्रीय नेताओं को बुलाकर वार्ता करने एवं आश्वासन देने के बाद आंदोलन स्थगित रखने की जानकारी दी गई।सभा में वक्ताओं ने कहा कि हमें अब सरकार के कोरे आश्वासनों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और अगर सरकार शीघ्र ही हमारी मांगे नहीं मानती है तो स्थगित आंदोलन को पुनः और बड़े स्तर पर जारी करना चाहिए।तभी सरकार कोई ठोस कार्रवाई करेगी।समिति के राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनागर ने बताया कि श्रम सचिव के साथ शीघ्र एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का प्रयास हो रहा है जिसमें न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।अनेक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों द्वारा भी समिति के नेताओं से वार्ता कर उनकी मांगों का समर

पेंशनरों ने मुख्यमंत्री से पेंशन बढ़ाने और बकाया एरियर्स के भुगतान कराने की माँग की

 लखनऊ/संवाददाता   10 जुलाई। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के महामंत्री राज शेखर नागर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  जनता  दर्शन  में   ईपीएस-95  पेंशनरों की   न्यूनतम पेंशन बढ़वाने ,फ्री मेडिकल सुविधा दिलवाने की माँग की। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश  के अधिकांश निगमों में छठा  वेतनमान का  एरियर का भुगतान नही हुआ है जबकि  पेंशनरों को बहुत कम पेंशन मिलने से आर्थिक बदहाली झेल  रहे हैं।  इसलिए  मुख्यमंत्री से सभी निगमों के  पेंशनरों  को छठे वेतनमान के बकाया एरियर्स का  भुगतान करने के आदेश निर्गत करने की भी माँग की गई। आवश्यक वस्तु निगम में पेंशनरों की  महासमिति की  बैठक मे  निर्णय लिया गया कि  यदि  बकाया एरियर्स का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो निगम के सेवानिवृत्त कर्मी   अनशन पर बैठेंगे।       महासमिति की बैठक में हबीब खान, राजीव  भटनागर, पी के  श्रीवास्तव, फ्रेडरिक क्रूज,एन सी सक्सेना,राजीव पांडे, सतीश श्रीवास्तव  पीताम्बर भट्ट उपस्थिति रहे।  राजीव भटनागर  मुख्य समन्वयक  उत्तर प्रदेश।